मैट्रिक और इंटर का अब कोई बच्चा नहीं होगा फेल , शिक्षा मंत्री ने किया बड़ा बदलाव :- जैसा की आप सभी लोग जानते है हर साल बिहार के बहुत सारे बच्चे लाखो की संख्या में मैट्रिक और इंटर का परीक्षा देते है जिसमे बहुत बच्चे पास होते है तो बहुत बच्चे फेल होते है अब जो बच्चे पास होते है उनका तो ठीक है लेकिन जो बच्चे फेल होते है और निराश हो जाते है यह लेख उनके लिए है |
जैसा की आप लोग जानते है की बिहार के शिक्षा मंत्री में भी तबादला हुआ है जिसमे वर्तमान के शिक्षा मंत्री मिथिलेश तिवारी है | उन्होंने समीक्षा बैठक में कहा की बिहार के विद्यार्थियों के प्रमाण पत्र ( मार्कशीट पर ) अब 'फेल' शब्द का प्रयोग नही होगा बल्कि अब फेल शब्द की जगह ' कौशल के लिए पत्र ' ( ELIGIBLE FOR SKILL ) शब्द का प्रयोग होगा | इसलिए नियमो में बदलाव और बिहार विद्यालय परीक्षा समिति को निर्देश जारी करने को कही गई है |
लेकिन यह विद्यार्थियों के लिए महत्वपूर्ण बात समझन जरूरी है | की मार्कशीट से 'FAIL' शब्द हटने का ये मतलब नही की बच्चे बिना परीक्षा दिए और नूतन मार्क्स प्राप्त किए बिना ही पास हो जायेंगे पास होने के लिए बोर्ड द्वारा लागू नियम जारी रहेंगे जैसे की परीक्षा देना और न्यूनतम अंक प्राप्त करना |
अब आप ये सोच रहे है की इसमें अच्छी खबर क्या है | इसमें अच्छी खबर ये है की परीक्षा देने के बाद जो परीक्षा फल यानी मार्कशीट बिहार बोर्ड से आता है उस पर 1 , 2 , 3 डिवीजन वाले पर पास रहता था | अब 3RD डिवीजन वाले पर ELIGIBLE FOR SKILL ये शब्द आएगा अब ये तभी लागू होगा जब बिहार विद्यालय परीक्षा समिति द्वारा निर्देश जारी कर दिया जाएगा और यह निर्देश जल्द ही जारी किया जाएगा |
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इंटर तक का कोई विद्यार्थी अब नही होगा फेल
बिहार के शिक्षा मंत्री ने कहा की बच्चो के मार्कशीट पर अब नही होगा फेल शब का प्रयोग | इसके लिए सिस्टम में बदलाव किए जायेगा | शिक्षा विभाग जल्द ही बिहार विद्यालय परीक्षा समिति को आवशयक निर्देश जारी करेगा |
शिक्षा मंत्री ने क्या कहा ?
बच्चो का मनोबल बनाए रखना जरूरी है | किसी परीक्षा में अपेक्षित अंक नही आने पर बच्चे निराश हो जाते है और बच्चो का आत्म विश्वास टूट जाता है जिस से आगे की कक्षा में पढ़ाई करने से पीछा हटते है | बच्चो का मनोबल न टूटे इसलिए बच्चो के मार्कशीट पर फेल जैसे शब्द का प्रयोग नही किया जाएगा |
मैट्रिक और इंटर में पास होने के लिए न्यूनतम कितना अंक चाहिए ?
बिहार बोर्ड के माध्यमिक परीक्षा या उच्च माध्यमिक परीक्षा के नियमो में न्यूनतम 30 प्रतिशत से ऊपर अंक चाहिए जैसे कोई परीक्षा 100 अंक है तो उसमे आपको 30 लेना अनिवार्य है |
कौशल के लिए पात्र का क्या मतलब है ?
फेल शब्द का नया रूप है इसका मतलब की अगर बच्चें किसी परीक्षा में न्यूनतम अंक नही ला पाते है तो इसका मतलब ये नही की उनके पास कोई ज्ञान नहीं है उनके पास कोई टेलेंट नही है , कोई प्रतिभा नही है | हर विद्यार्थी की रुचि अलग अलग क्षेत्रों में हो सकती है जैसे -
- कला और संगीत
- डिजाइनिंग
- खेल
- व्यवसाय और उधमिता
- डिजिटल स्किल
- तकनीकी शिक्षा
- कंप्यूटर और IIT
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निष्कर्ष
बच्चो जैसा की आपने ये लेख अच्छे से पढ़ा होगा की शिक्षा विभाग का मुख्य उद्देश्य क्या है शिक्षा विभाग का ये कहना नही है की आप पढ़ाई छोड़ दे तब भी पास हो जायेंगे ऐसा नही होगा | शिक्षा विभाग ने कहा है की सिर्फ मार्कशीट पर से फेल शब्द हटाएंगे न की पहले से लागू नियम को इसलिए अच्छे से पढ़ाई कीजिए और अच्छा से अच्छा अंक प्राप्त कीजिए अगर यह जानकारी आपको थोड़ा सा भी अच्छा लगा हो तो यह लेख अपने सभी दोस्तों को शेयर करे और हमारे किसी भी लेख में कोई भी गलती मिलती है तो हमे सूचित कीजिए ताकि उस गलती को हम सुधार सके |
FAQs
क्या हमे पढ़ाई करना चाहिए ?
हा , आपको मन लगा कर पढ़ाई करना चाहिए क्योंकि हो सकता है की ये नियम में बदलाव कर दिया जाय बाद में और परीक्षा में पास होना बड़ी बात नहीं बल्कि उसमे सभी विषय में अच्छे अंक प्राप्त करना है |
बोर्ड के आधिकारिक सूचना देखे
बोर्ड के आधिकारिक सूचना देखने के बाद ही किसी भी खबर या न्यूज पर विश्वाश करे
कम अंक आने पर क्या करे ?
कम अंक आने पर निराश न हो , और कोई गलत कदम न उठाए क्योंकि एक परीक्षा आपकी जीवन की अंतिम फैसला नही करती है | दोबारा तैयारी और प्रदर्शन के कई मौके होते है |
